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Bihar News: पटना-हाजीपुर के बीच बन रहे नए फोरलेन पुल का 73% काम पूरा, दिसंबर 2026 तक शुरू होने का लक्ष्य

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Alam Ki Khabar: पटना और हाजीपुर के बीच गंगा पर बन रहे नए फोरलेन पुल का 73 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। दिसंबर 2026 तक परियोजना पूरी होने का लक्ष्य है। जानिए कैसे महात्मा गांधी सेतु पर जाम से मिलेगी राहत।

पटना/आलम की खबर:बिहार के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राजधानी पटना और हाजीपुर के बीच गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बन रहे नए फोरलेन पुल का निर्माण तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लगभग 73 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। यदि निर्माण कार्य इसी गति से चलता रहा तो दिसंबर 2026 तक पुल को आम लोगों के लिए खोलने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके चालू होने के बाद महात्मा गांधी सेतु पर वर्षों से लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

हाल ही में बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। निरीक्षण के दौरान शेष निर्माण कार्य, तकनीकी प्रगति और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की गई।

यह परियोजना केवल एक पुल तक सीमित नहीं है बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली बड़ी आधारभूत संरचना परियोजना है। मुख्य पुल की लंबाई लगभग 5.6 किलोमीटर है, जबकि एप्रोच रोड, फ्लाईओवर और रेल ओवरब्रिज सहित पूरी परियोजना की लंबाई लगभग 14.5 किलोमीटर है। निर्माण एजेंसी के अनुसार पुल के अधिकांश सुपर स्ट्रक्चर का कार्य पूरा हो चुका है। कई हिस्सों में पाइलन, केबल, स्पैन और डेक स्लैब का निर्माण समाप्त हो गया है, जबकि शेष हिस्सों में अंतिम चरण का काम तेजी से चल रहा है।

करीब 2,926.42 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 17 दिसंबर 2018 को मंजूरी दी थी। हालांकि पर्यावरणीय स्वीकृतियों और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण निर्माण कार्य समय पर शुरू नहीं हो सका। बाद में 4 सितंबर 2020 को निर्माण एजेंसी को कार्य सौंपा गया और वर्ष 2021 से निर्माण कार्य जमीन पर शुरू हुआ। इसके बाद लगातार काम जारी है और अब परियोजना अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है।

वर्तमान में महात्मा गांधी सेतु उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला सबसे व्यस्त पुल है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस पुल से गुजरते हैं, जिससे अक्सर कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। नया फोरलेन पुल शुरू होने के बाद पुराने गांधी सेतु और नए पुल को मिलाकर कुल आठ लेन की यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। इससे वाहनों का दबाव विभाजित होगा और लोगों का सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और तेज हो जाएगा।

नई परियोजना का लाभ केवल पटना और हाजीपुर तक सीमित नहीं रहेगा। वैशाली, मुजफ्फरपुर, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण और उत्तर बिहार के कई जिलों के लोगों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इससे व्यापार, उद्योग, कृषि, पर्यटन और माल परिवहन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। भारी वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और यात्रा का समय भी काफी कम हो जाएगा।

पथ निर्माण विभाग का कहना है कि यदि मौसम और अन्य परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो दिसंबर 2026 तक परियोजना पूरी कर पुल को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद राजधानी पटना और उत्तर बिहार के बीच यात्रा पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।

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पटना-हाजीपुर कॉरिडोर को मिलेगी नई रफ्तार

गंगा पर बन रहा नया फोरलेन पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि बिहार के आर्थिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन आसान होगा, व्यापार को गति मिलेगी और लाखों यात्रियों को प्रतिदिन जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

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